Sunday, August 31, 2008

नेटवर्किग

नेटवर्किंग शब्द नेट यानी जाल से बना है, जिसका अर्थ है दो या दो से अधिक चीजों को आपस में जोडना। कम्प्यूटर के संदर्भ में नेटवर्किग का मतलब है दो या दो से अधिक कम्प्यूटरों को एक कंपनी, एक शहर, एक देश के विभिन्न स्थानों को आपस में जोडना व उनके संस्थानों को एक्सेस करना तथा विश्व के किसी भी कोने में स्थित कंप्यूटरों को आपस में जोडना। इंटरनेट मोबाइल कम्युनिकेशन, सैटेलाइट कम्युनिकेशन नेटवर्किंग का ही नतीजा है। कम्प्यूटर नेटवर्किंग को निम्न भागों में बांटा जा सकता है :

लोकल एरिया नेटवर्किंग (लैन) : इस तरह की नेटवर्किंग को लैन के नाम से जाना जाता है। इस तरह की नेटवर्किंग की मदद से किसी एक इमारत में रखे कम्प्यूटरों को आपस में जोडा जाता है। इसके तहत जोडे जाने वाले कम्प्यूटरों के बीच की दूरी 100 मीटर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इसका कारण यह है कि इस तरह की नेटवर्किंग में कंप्यूटरों को केबल द्वारा एक-दूसरे से जोडा जाता है। ज्यादा दूरी होने पर डाटा के लॉस हो जाने की आशंका रहती है।

मेट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्किंग (मैन) : इसमें वायरलेस तथा वायर दोनों तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है। इस तरह की नेटवर्किग में एक शहर के अलग-अलग इलाकों में स्थित विभिन्न इमारतों या कंपनियों में रखे कम्प्यूटरों को आपस में जोडा जाता है। इसमें सामान्यत: ऑप्टिकल केबल, फाइबर केबल, राउटर, स्विच, रिपीटर इत्यादि एडवांस इस्ट्रूमेंट का उपयोग किया जाता है।

वाइड एरिया नेटवर्क (वैन) : वाइड एरिया नेटवर्क के तहत अलग-अलग शहरों या देशों में कार्यरत कम्प्यूटरों को जोडा जाता है। इसमें भौगोलिक दूरी कोई मायने नहीं रखती, क्योंकि यह पूर्णतया वायरलेस टेक्नोलॉजी पर आधारित होता है। इसमें कम्प्यूटरों को सैटेलाइट, राउटर, आईएसडीएन स्विच, वैन लाइनस, (ISDN, X-25, ATM, Frame Relay etc.) द्वारा आपस में जोडा जाता है।

स्टोरेज एरिया नेटवर्क (सैन) : इस तरह की नेटवर्किंग का उपयोग प्राय: बडी कंपनियों तथा इंटरनेट सर्विसेस प्रदान करने वाली कंपनियों द्वारा किया जाता है। इसके तहत एक सर्वर तथा स्टोरेज डिवाइसों को अनेक सर्वरों और स्टोरेज डिवाइसों के साथ सीधे जोडा जाता है।

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